नीली आत्मा: आधी रात का खौफनाक सच

परिचयकुछ कहानियाँ सिर्फ कहानी नहीं होतीं…कुछ रातें सिर्फ रात नहीं होतीं…और कुछ जगहें ऐसी होती हैं जहाँ आज भी आत्माएँ भटकती हैं।यह कहानी है एक ऐसी नीली आत्मा की, जिसे देखने के बाद कोई भी इंसान पहले जैसा नहीं रहता।कहानी की शुरुआतमुंबई से थोड़ी दूर एक पुरानी बिल्डिंग है।लोग कहते हैं कि वहाँ रात 12 बजे के बाद नीली रोशनी दिखाई देती है।रमेश, जो एक नाइट सिक्योरिटी गार्ड था, पहली बार इस बात पर हँसा।लेकिन उसकी हँसी ज्यादा दिन नहीं चली।पहली रातरात के ठीक
12:07 बजे,उसने सीढ़ियों से किसी के चलने की आवाज़ सुनी।जब उसने टॉर्च घुमाई तो देखा — एक नीले रंग की परछाईं,जिसके पैर जमीन पर नहीं थे।उसकी आँखें पूरी तरह काली थीं।आत्मा का सचलोकल लोगों के अनुसार,20 साल पहले एक लड़की की इस बिल्डिंग में हत्या हुई थी।उसकी आत्मा को कभी शांति नहीं मिली।कहा जाता है कि:जो भी उसे देख लेता है,उसकी ज़िंदगी में डर हमेशा के लिए बस जाता है।खौफनाक मोड़रमेश भागना चाहता था,लेकिन उसके पैर हिल ही नहीं रहे थे।नीली आत्मा ने धीरे से कहा: “तू भी यहीं रहेगा…”अगली सुबह रमेश गायब था।आज तक उसका कोई पता नहीं चला।आज भी…लोग कहते हैं — अगर आप उस बिल्डिंग के पास से रात में गुज़रेंऔर आपको ठंड लगने लगेतो समझ जाना…नीली आत्मा आपके बहुत पास है।

निष्कर्षकुछ कहानियाँ सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं होतीं,कुछ आपको रात में सोने नहीं देतीं।अगर आपको ऐसी डरावनी कहानियाँ पसंद हैं,तो इस ब्लॉग को शेयर करें।